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  • मीरजापुर में क्रेशर प्लांट का डग धंसा, चार मजदूरों की मौत; हादसे के बाद मचा हड़कंप

    प्रमोद कुमार केसरी ब्यूरो चीफ मिर्जापुर।

    मीरजापुर। जनपद के अहरौरा थाना क्षेत्र के भगौतीदेई स्थित एक क्रेशर प्लांट में शनिवार दोपहर बड़ा हादसा हो गया। ब्लास्टिंग के बाद निर्माणाधीन डग अचानक धंस गया और उसके मलबे में काम कर रहे चार मजदूर दब गए। हादसे की जानकारी मिलते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना दी गई। जेसीबी की मदद से मलबा हटाकर मजदूरों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक चारों की मौत हो चुकी थी।घटना के बाद क्रेशर प्लांट पर काम कर रहे कर्मचारियों और अन्य लोगों में हड़कंप मच गया। आरोप है कि हादसे के बाद कुछ कर्मचारी मौके से फरार हो गए।

    घटना की सूचना मिलते ही अहरौरा थानाध्यक्ष

    अजय कुमार मिश्र पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया।निर्माणाधीन डग धंसने से हुआ हादसाबताया गया कि शनिवार दोपहर भगौतीदेई स्थित क्रेशर प्लांट में रोज की तरह काम चल रहा था। इसी दौरान निर्माणाधीन डग अचानक भरभराकर धंस गया। डग के धंसते ही उसके मलबे में वहां काम कर रहे चार मजदूर दब गए। अचानक हुए इस हादसे से मौके पर मौजूद लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची। जेसीबी मशीन की मदद से मलबा हटाने का काम शुरू कराया गया। काफी प्रयास के बाद चारों मजदूरों को मलबे से बाहर निकाला गया। हालांकि, बाहर निकालने पर चारों मजदूर मृत पाए गए।क्रेशर संचालक मजदूरों को लेकर चिकित्सक के पास पहुंचाहादसे के बाद क्रेशर प्लांट संचालक पिंटू सिंह ने चारों मजदूरों को पिकअप वाहन से चिकित्सक के पास ले जाने का प्रयास किया। बताया गया कि मजदूरों को बचाने के लिए उपचार कराने की कोशिश की गई, लेकिन चिकित्सकीय प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।मृतकों की पहचान सोनभद्र जिले के जुगैल थाना क्षेत्र के बड़गावा निवासी लालबहादुर, अशोक, राकेश और दुर्योधन के रूप में हुई है। चार मजदूरों की मौत की खबर सामने आते ही उनके परिवारों और गांव में मातम पसर गया।मौके पर पहुंचे प्रशासनिक और पुलिस अधिकारीहादसे की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। एसडीएम चुनार अगेन सिंह, तहसीलदार इवेन्द्र कुमार, क्षेत्राधिकारी मो. फहीम और अहरौरा थानाध्यक्ष अजय कुमार मिश्र पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे।अधिकारियों ने पूरे क्रेशर प्लांट का चारों ओर से निरीक्षण किया और हादसे की परिस्थितियों की जानकारी ली। अधिकारियों ने वहां काम कर रहे मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था का भी जायजा लिया। इस दौरान भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।थानाध्यक्ष अजय कुमार मिश्र ने बताया कि प्लांट संचालक पिंटू सिंह द्वारा घायल मजदूरों को उपचार के लिए चिकित्सक के पास ले जाया गया था, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद चारों मजदूरों को बचाया नहीं जा सका।हादसे के बाद घटनास्थल पर जुटी ग्रामीणों की भीड़चार मजदूरों की मौत की खबर फैलते ही आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए। देखते ही देखते क्रेशर प्लांट के आसपास लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों में घटना को लेकर आक्रोश और चिंता दोनों दिखाई दी।ग्रामीणों का कहना है कि खनन क्षेत्र में क्रेशर प्लांटों पर आए दिन हादसों की खबरें सामने आती रहती हैं। ऐसे में मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीरता से कदम उठाए जाने की जरूरत है। ग्रामीणों ने प्रशासन से क्रेशर प्लांटों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच कराने और लापरवाही पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।मंडलायुक्त, डीएम और पुलिस अधीक्षक भी पहुंचेहादसे की गंभीरता को देखते हुए कुछ देर बाद मंडलायुक्त राजेश प्रकाश, जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार, डीआईजी पूनम तथा पुलिस अधीक्षक अर्पण रजत कौशिक भी घटनास्थल पर पहुंचे। वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर पूरे मामले की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को घटना की जांच के निर्देश दिए।अधिकारियों ने क्रेशर प्लांट में सुरक्षा मानकों और हादसे के संभावित कारणों की जानकारी जुटाई। साथ ही यह भी देखा गया कि प्लांट में मजदूरों की सुरक्षा के लिए किस तरह के इंतजाम किए गए थे और निर्माणाधीन डग के धंसने की वास्तविक वजह क्या रही।वरिष्ठ अधिकारियों के पहुंचने के बाद घटना की जांच को लेकर प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई तेज हो गई। हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिया घटना का संज्ञानमीरजापुर के भगौतीदेई क्रेशर प्लांट हादसे का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री ने घटना पर शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई और परिजनों से बात कर उन्हें ढांढस बंधाया।मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को पीड़ित परिवारों की हर संभव मदद करने के निर्देश दिए। प्रशासन को राहत एवं सहायता उपलब्ध कराने के साथ ही घटना की जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।खनन क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवालभगौतीदेई में चार मजदूरों की मौत की इस घटना ने एक बार फिर खनन और क्रेशर प्लांटों में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि क्रेशर प्लांटों में काम करने वाले मजदूरों के लिए सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में किसी परिवार को इस तरह अपने सदस्य को न खोना पड़े।घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने भी मजदूरों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही है। अब जांच के बाद यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि निर्माणाधीन डग किन परिस्थितियों में धंसा और क्या इस दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था।फिलहाल पुलिस और प्रशासन की टीमें पूरे मामले की जांच में जुटी हैं। चार मजदूरों की मौत से क्षेत्र में शोक का माहौल है। हादसे ने न सिर्फ मृतकों के परिवारों को गहरा सदमा दिया है, बल्कि आसपास के ग्रामीणों को भी झकझोर कर रख दिया है।

  • कृष्ण जन्माष्टमी पर कौन-सी आरती करें? जानिए पूजा के बाद आरती का सही तरीका

    Krishna Janmashtami 2026: भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाने वाली जन्माष्टमी पर भक्त दिनभर व्रत और पूजा-अर्चना करते हैं। मान्यता है कि मध्यरात्रि में भगवान कृष्ण के जन्म के समय पूजा, अभिषेक, भोग और आरती करने से भक्त भगवान का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

    जन्माष्टमी पर कौन-सी आरती करें?

    जन्माष्टमी की पूजा के बाद भगवान श्रीकृष्ण की आरती करना शुभ माना जाता है। भक्त अपनी परंपरा के अनुसार श्रीकृष्ण की प्रचलित आरती कर सकते हैं। सबसे लोकप्रिय आरतियों में “आरती कुंज बिहारी की” शामिल है।

    इसके अलावा भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप यानी लड्डू गोपाल की आराधना करते समय उनकी स्तुति और आरती भी की जा सकती है।

    जन्माष्टमी पर आरती कब करें?

    जन्माष्टमी की मुख्य पूजा आमतौर पर भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय मध्यरात्रि में की जाती है। इस दौरान बाल गोपाल का पंचामृत से अभिषेक, नए वस्त्र और आभूषण पहनाकर श्रृंगार, भोग अर्पित करने के बाद आरती की जाती है।

    आरती के दौरान घर के सभी सदस्य भगवान के सामने दीपक जलाकर श्रद्धा से प्रार्थना कर सकते हैं।

    आरती से पहले करें ये काम

    जन्माष्टमी पर आधी रात की पूजा के लिए पहले पूजा स्थान को साफ करके भगवान कृष्ण की मूर्ति या लड्डू गोपाल को सुंदर वस्त्र पहनाएं। इसके बाद—

    • भगवान का पंचामृत से अभिषेक करें।
    • साफ जल से स्नान कराएं।
    • पीले या नए वस्त्र पहनाएं।
    • चंदन, फूल और तुलसी दल अर्पित करें।
    • माखन-मिश्री, फल और अन्य सात्विक प्रसाद का भोग लगाएं।
    • धूप और दीप जलाएं।
    • श्रीकृष्ण के मंत्र या नाम का जाप करें।
    • अंत में श्रद्धापूर्वक आरती करें।

    कृष्ण जन्माष्टमी पर विशेष भोग

    भगवान कृष्ण को माखन-मिश्री विशेष रूप से प्रिय माना जाता है। जन्माष्टमी पर माखन-मिश्री के अलावा दूध, दही, फल, पंजीरी और अन्य सात्विक प्रसाद भी अर्पित किया जा सकता है। भोग में तुलसी दल रखना भी वैष्णव परंपरा में महत्वपूर्ण माना जाता है।

    आरती के बाद क्या करें?

    आरती पूरी होने के बाद भगवान श्रीकृष्ण को प्रणाम करें और परिवार की सुख-शांति की प्रार्थना करें। इसके बाद प्रसाद सभी लोगों में बांटें। यदि आपने व्रत रखा है तो व्रत खोलने का समय अपनी स्थानीय पंचांग परंपरा के अनुसार रखें, क्योंकि जन्माष्टमी के पारण का समय स्थान और परंपरा के अनुसार अलग हो सकता है।

    महत्वपूर्ण बात

    आरती में सबसे ज्यादा महत्व श्रद्धा और भक्ति का माना जाता है। इसलिए यदि आपको पूरी आरती याद नहीं है तो भगवान श्रीकृष्ण का नाम लेकर सरल शब्दों में भी प्रार्थना कर सकते हैं।

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