Keshav Prasad Maurya mirzapur : उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने मीरजापुर दौरे के दौरान कहा कि वेद केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं हैं, बल्कि वे जीवन जीने की वैज्ञानिक पद्धति भी हैं। उन्होंने युवा पीढ़ी से अपनी सनातन और सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने का आह्वान करते हुए वैदिक ज्ञान को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर दिया।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का मीरजापुर आगमन हुआ। उन्होंने सबसे पहले विंध्यवासिनी धाम पहुंचकर मां विंध्यवासिनी का दर्शन-पूजन किया। इसके बाद वह विंध्याचल स्थित विंध्य रेजीडेंसी होटल पहुंचे, जहां पहले से निर्धारित तीन दिवसीय वैदिक सम्मेलन का आयोजन किया गया था।
कार्यक्रम का शुभारंभ उप मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्वलित कर किया। सम्मेलन में वैदिक शिक्षा, भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई।
Keshav Prasad Maurya mirzapur वेद जीवन जीने की पद्धति भी: केशव प्रसाद मौर्य
मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि वेद केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं हैं, बल्कि जीवन जीने की पद्धति भी हैं। उन्होंने कहा कि वैदिक ज्ञान में जीवन को बेहतर बनाने के लिए महत्वपूर्ण संदेश और ज्ञान समाहित है।
उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को अपनी सनातनी जड़ों और भारतीय संस्कृति के बारे में जानना चाहिए। इसके लिए देश के अलग-अलग हिस्सों में इस तरह के वैदिक सम्मेलन और कार्यक्रम आयोजित किए जाने की आवश्यकता है।
Keshav Prasad Maurya mirzapur भारतीय संस्कृति का ज्ञान दुनिया तक पहुंच रहा
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति का ज्ञान आज पूरे विश्व तक पहुंच रहा है। भारत की प्राचीन परंपरा और संस्कृति का महत्व पूरी दुनिया समझ रही है।
उन्होंने मीरजापुर के धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व का भी उल्लेख किया। कहा कि विंध्याचल पर्वत पर मां विंध्यवासिनी साक्षात विराजमान हैं। उन्होंने मां काली के दर्शन का भी उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें मां के दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
भारत भूमि पर हमेशा गूंजती रहे वेदों की वाणी
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि देश में सभी की यही इच्छा होनी चाहिए कि वेदों की गूंज भारत भूमि पर हमेशा सुनाई देती रहे। उन्होंने वैदिक ज्ञान और भारतीय परंपराओं को आगे बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि समय-समय पर वेदों की परंपरा का विरोध करने वाले लोग आए और चले गए, लेकिन भारतीय संस्कृति और वैदिक परंपरा निरंतर आगे बढ़ती रही है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि वेदों में जो ज्ञान मौजूद है, वह अत्यंत व्यापक है और इसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना जरूरी है।
Keshav Prasad Maurya mirzapur वैदिक विद्यालयों को बढ़ावा देने पर जोर
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में कई स्थानों पर वैदिक विद्यालय संचालित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से भी ऐसे और विद्यालय खोले जा रहे हैं, ताकि देशवासियों को वेदों और वैदिक परंपरा का ज्ञान प्राप्त हो सके।
उन्होंने कहा कि वैदिक शिक्षा को मजबूत करने से युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और अपनी प्राचीन ज्ञान परंपरा को समझने का अवसर मिलेगा।
सम्मेलन में देशभर से जुड़े विद्वान
तीन दिवसीय वैदिक सम्मेलन में देश के विभिन्न क्षेत्रों में वैदिक विद्यालय संचालित करने वाले विद्वानों और शिक्षाविदों की सहभागिता रही। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रोफेसर विरुपाक्ष वि. जड्डीपाल ने की।
मंच पर मौजूद लोगों ने उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का स्वागत और अभिनंदन किया। सम्मेलन में वैदिक शिक्षा और भारतीय ज्ञान परंपरा को आगे बढ़ाने को लेकर विचार-विमर्श किया गया।
कार्यक्रम के अंत में उप मुख्यमंत्री ने योगी आदित्यनाथ सरकार की ओर से सम्मेलन में शामिल सभी लोगों का स्वागत किया और वैदिक परंपरा को आगे बढ़ाने के प्रयासों की सराहना की।
मीरजापुर दौरे में प्रमुख बातें
- केशव प्रसाद मौर्य ने विंध्यवासिनी धाम में दर्शन-पूजन किया।
- विंध्याचल स्थित विंध्य रेजीडेंसी में तीन दिवसीय वैदिक सम्मेलन में शामिल हुए।
- दीप प्रज्वलित कर सम्मेलन का शुभारंभ किया।
- वेदों को जीवन जीने की पद्धति बताया।
- युवाओं से सनातनी जड़ों से जुड़ने का आह्वान किया।
- वैदिक विद्यालयों को बढ़ावा देने की बात कही।
- भारतीय संस्कृति और वैदिक ज्ञान को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
Mirzapur News Update: उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने मीरजापुर के विंध्याचल में आयोजित वैदिक सम्मेलन में वेदों को जीवन जीने की वैज्ञानिक पद्धति बताते हुए वैदिक शिक्षा और भारतीय संस्कृति को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।

